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शà¥à¤—र में कौन-कौन सी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खानी चाहिठ:-
1.बà¥à¤°à¥‹à¤•ली
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ रोगियों के लिठसबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बà¥à¤°à¥‹à¤•ली सबसे अचà¥à¤›à¥€ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। अतः शà¥à¤—र में आप अपनी डाइट में बà¥à¤°à¥‹à¤•ली को शामिल कर सकते हैं। इसमें विटामिन-C के साथ फाइबर और आयरन के साथ सेलिनियम और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® à¤à¥€ पाया जाता है, जो डायबिटीज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में फायदेमंद हो सकता है।
इसमें 'सलà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¾à¤«à¥‡à¤¨' (sulforaphane) नामक ततà¥à¤µ होता है। यह लिवर गà¥à¤²à¥‚कोज को कम करने में मदद करता है। इस पà¥à¤°à¤•ार यह बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को कम कर सकता है। बता दें बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली à¤à¤• लो कैलोरी, लो कारà¥à¤¬ सबà¥à¤œà¥€ है, जो डायबिटीज को मैनेज करने के साथ-साथ पूरे सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर सकारतà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकती है।
2.पालक
कà¥à¤› रिसरà¥à¤šà¤° बताते हैं कि पालक में विटामिन C होता है। ये à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट के रूप में काम करता है और इसमें à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ होता है, जो डायबिटीज में सेलà¥à¤¸ के डैमेज को कम कर सकता है। इसमें पोषक ततà¥à¤µ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाठजाते हैं और यह डायबिटीज रोगियों के लिठलाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होती है।
3.टमाटर
टमाटर में विटामिन सी, विटामिन ठऔर पोटैशियम à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है और इसमें कारà¥à¤¬à¥à¤¸ कम होता है। कैलोरीज़ à¤à¥€ कम होती है। इसका गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेसà¥à¤• à¤à¥€ कम होता है। ये आपके बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकता है। ये डायबिटीज वाले लोगों के लिठअचà¥à¤›à¤¾ होता है ।
बता दें टमाटर में लायकोपीन, लà¥à¤¯à¥‚टिन और बीटा कैरोटीन जैसे à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट à¤à¥€ होते हैं, जो आंखों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में सहायक हो सकते हैं। वहीं, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ का असर आंखों पर à¤à¥€ पड़ सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में डायबिटीज में आंखों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठटमाटर का सेवन लाà¤à¤•ारी हो सकता है।
4.हरी बीनà¥à¤¸
बीनà¥à¤¸ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और घà¥à¤²à¤¨à¤¶à¥€à¤² फाइबर होता है, जो आपके पेट को काफी देर à¤à¤°à¤¾ रखते हैं। इसके साथ इसमें à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट, पोटेशियम, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® आदि, पोषक ततà¥à¤µ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाठजाते हैं, जो डायबिटीज को मैनेज करने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं।
हरे बीनà¥à¤¸ का गà¥à¤²à¤¿à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ à¤à¥€ कम होता है। साथ ही ये आपके वजन को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रख सकते हैं। बता दें, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ में वजन बà¥à¤¨à¥‡ का जोखिम अधिक होता है, जिससे डायबिटीज में होने वाली जटिलताओं का जोखिम बॠजाता है।
5.पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€
यदि आप अपने बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखना चाहते हैं तो पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª हो सकता है। इसमें कम कैलोरी होती है और यह फाइबर का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। इसमें à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट और à¤à¤‚टीहाइपरगà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• गà¥à¤£ à¤à¥€ होता है। इसलिठये मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ रोगियों के लिठबहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ होता है। साथ ही इसका गà¥à¤²à¤¿à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ à¤à¥€ कम होता है, जिस कारण यह डायबिटीज के लिठà¤à¤• परफेकà¥à¤Ÿ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हो सकता है।
6.खीरा
खीरे में पानी की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है जो हमें हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रखता है। यह पैंकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤œ में इनà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤¨ को बनाने में मदद करता है। दरअसल, यह अगà¥à¤¨à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¯ (pancreas) में बीटा सेलà¥à¤¸ को इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करने में मदद कर सकता हैं। जिससे बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद मिल सकती है।
साथ ही इसका गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ कम होता है जिससे बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं, इसमें फाइबर अधिक होता है जिससे यह पाचन को बेहतर कर सकता है।
7.गाजर
डायबिटीज के पेशेंट को गाजर खाने की सलाह दी जाती है। इसमें विटामिन A, विटामिन B12, डाइटà¥à¤°à¥€ फाइबर होता है। साथ ही इसका जीआई à¤à¥€ कम होता है जो, बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकता है।
इसके अलावा, यह डायबिटिक नà¥à¤¯à¥‚रोपैथी के जोखिम को à¤à¥€ कम कर सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें विटामिन बी -6 मौजूद होता है। दरअसल, à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में पाया गया कि टाइप 2 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ वाले लोगों में विटामिन बी-1 और बी-6 की कमी आम है।
इसके अलावा, विटामिन बी -6 की कमी के कारण डायबिटिक नà¥à¤¯à¥‚रोपैथी का जोखिम अधिक हो सकता है। शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कम विटामिन बी-6 का सà¥à¤¤à¤° मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के परिणामों को नकारातà¥à¤®à¤• रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है।
बता दें डायबिटिक नà¥à¤¯à¥‚रोपैथी उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को कहते हैं, जब मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के कारण तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚चती है। इससे अंगों में à¤à¥à¤¨à¤à¥à¤¨à¥€, सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤ªà¤¨ का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में इस समसà¥à¤¯à¤¾ के जोखिम को कम करने के लिठगाजर का सेवन लाà¤à¤•ारी हो सकता है।
8.पà¥à¤¯à¤¾à¤œ
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ à¤à¤‚टी-ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है। इसमें à¤à¤‚टी-डायबिटिक और à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं, जो डायबिटीज को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकते हैं। इसमें कारà¥à¤¬à¥à¤¸ कम होते है और इसका गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ à¤à¥€ कम होता है, जिस कारण यह डायबिटीज के लिठà¤à¤• बेहतर खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आता है।
9.à¤à¤¿à¤‚डी
à¤à¤¿à¤‚डी का गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ कम होता है। इसमें पोटेशियम, विटामिन बी और सी, फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡, फाइबर और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® जैसे पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं। à¤à¤¿à¤‚डी में हाई डायटरी फाइबर खाने को धीरे-धीरे पचाता है। फिर ये बà¥à¤²à¤¡ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤® में गà¥à¤²à¥‚कोज को धीरे-धीरे छोड़ता है जिससे, डायबिटीज को मैनेज करने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ रोगियों में तनाव व थकान की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में à¤à¤¿à¤‚डी में मौजूद à¤à¤‚टी सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ और à¤à¤‚टी फेटिग गà¥à¤£ डायबिटीज में तनाव व थकान के जोखिम को à¤à¥€ कम कर सकता है।
10.मूली
मूली में फाइबर अधिक होता है जिसकी वजह से यह डायबिटीज रोगियों के लिठबहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥€ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। यह बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद करती है। दरअसल, मूली में गà¥à¤²à¥‚कोसाइनोलेट और आइसोथियोसाइनेट (glucosinolate and isothiocyanate) जैसे रासायनिक यौगिक होते हैं, जो बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकते हैं।
मूली खाने से आपके शरीर का पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक à¤à¤¡à¤¿à¤ªà¥‹à¤¨à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ (adiponectin) उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ à¤à¥€ बढ़ता है। शरीर में इस हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ से बचाव करने में मदद कर सकता है। मूली में कोà¤à¤‚जाइम Q10 (coenzyme Q10) नामक à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट है जो मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के जोखिम को कम कर सकता है।
11.फूल गोà¤à¥€
डायबिटीज को मैनेज करने के लिठफूलगोà¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª हो सकता है। इसमें कैलोरीज कम होती हैं। साथ ही इसमें फाइबर, विटामिन सी और फोलेट à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है। फूलगोà¤à¥€ में मौजूद हाई फाइबर, डाइजेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सिसà¥à¤Ÿà¤® पर पड़ने वाले नकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को कम कर सकता है। साथ ही अचानक बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को बà¥à¤¨à¥‡ से रोकने में मदद करता है।
इसमें सलà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¾à¤«à¥‡à¤¨ (sulforaphane) नाम का यौगिक मौजूद होता है, जो मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ में होने वाली जटिलताओं के जोखिम जैसे - किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव कर सकता है।
12.केल
आप केल को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। यह à¤à¤• गà¥à¤£à¤•ारी खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ है, जो à¤à¤‚टी-डायबिटिक गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है। यह डायबिटीज को मैनेज करने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही इसमें मौजूद विटामिन सी और अलà¥à¤«à¤¾ लिनोलेनिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ डायबिटीज की जटिलताओं के जोखिम को कम कर सकता है।
13.मशरूम
मशरूम में विटामिन डी, सेलेनियम, जिंक, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸, à¤à¤‚टी-डायबिटिक, à¤à¤‚टी वायरल, à¤à¤‚टी कैंसर और à¤à¤‚टी माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ पाठजाते हैं। डायबिटीज के लिठमशरूम बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ होता है। इसके सेवन से शरीर में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है। दरअसल, मशरूम का गà¥à¤²à¤¿à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ कम होता है, जिस कारण यह बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को अचानक बà¥à¤¨à¥‡ नहीं देता है।
14.करेला
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के लिठकरेला किसी रामबाण इलाज से कम नहीं है। दरअसल, करेले में पॉलीपेपà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¡-पी नामक यौगिक होते हैं, जो इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकते हैं। पॉलीपेपà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¡-पी या पी-इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ à¤à¤• इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ जैसा हाइपोगà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ है, जिसका डायबिटीज की समसà¥à¤¯à¤¾ में सकारातà¥à¤®à¤• असर देखा जा सकता है। अतः करेला डायबिटीज के मरीज के लिठबहà¥à¤¤ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• सबà¥à¤œà¥€ है।
15.चà¥à¤•ंदर
डायबिटीज की समसà¥à¤¯à¤¾ में होने वाली जटिलताओं जैसे - तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कà¥à¤·à¤¤à¤¿, हà¥à¤°à¤¦à¤¯ रोग, किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾ और आà¤à¤–ों से जà¥à¥œà¥€ परेशानियों से बचाव के लिठबीटरूट या चà¥à¤•ंदर काफी लाà¤à¤•ारी हो सकता है।
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ से पता चलता है कि चà¥à¤•ंदर में पाठजाने वाले à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट शरीर में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ और मà¥à¤•à¥à¤¤ कणों को कम कर सकते हैं। वहीं जब शरीर में मà¥à¤•à¥à¤¤ कण कम होते हैं तो मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ की जटिलताà¤à¤‚ à¤à¥€ कम हो सकती है।
यह विटामिन, मिनरलà¥à¤¸, फाइबर और फाइटोनà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है। इसमें कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है। ये डायबिटीज को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकती है, अगर इसका सेवन संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रूप से किया जाये।
डायबिटीज के लिठलो शà¥à¤—र फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸:-
1. à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो
à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो में शà¥à¤—र की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है और जीआई सà¥à¤•ोर लगà¤à¤— 40 होता है। 1 कचà¥à¤šà¥‡ à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो में लगà¤à¤— 0.66 गà¥à¤°à¤¾à¤® शà¥à¤—र की मातà¥à¤°à¤¾ होती है। इसमें कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ कम और यह हेलà¥à¤¦à¥€ फैट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है। à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो आपके पेट को लमà¥à¤¬à¥‡ समय तक à¤à¤°à¤¾ रखता है और आपके बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को अचानक बà¥à¤¨à¥‡ नहीं देता है।
2. सेब
सेब का जीआई (सà¥à¤•ोर 39) कम होता है और इसमें फाइबर, विटामिन सी और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में होते हैं। इनमें मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से फà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤œ के रूप में शà¥à¤—र है, जो पूरा फल खाने के बाद आपके बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल पर कम पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालती है। à¤à¤• मधà¥à¤¯à¤® सेब में लगà¤à¤— 13 गà¥à¤°à¤¾à¤® तक नेचà¥à¤°à¤² शà¥à¤—र होती है।
3. संतरा
मॉडरेट अमाउंट में संतरे का सेवन डायबिटीज रोगियों के लिठà¤à¤• हेलà¥à¤¦à¥€ सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ का विकलà¥à¤ª हो सकता है। à¤à¤• मीडियम संतरे में लगà¤à¤— 9 गà¥à¤°à¤¾à¤® शà¥à¤—र की मातà¥à¤°à¤¾ होती है। इसके अलावा, संतरा फाइबर और विटामिन सी का à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होता है। साथ ही इसका जीआई सà¥à¤•ोर कम (52) होता है।
4. चकोतरा (Grapefruit)
चकोतरे यानी गà¥à¤°à¥‡à¤ªà¤«à¥à¤°à¥‚ट का जीआई सà¥à¤•ोर 25 होता है और इसमें विटामिन सी की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है, गà¥à¤°à¥‡à¤ªà¤«à¥à¤°à¥‚ट डायबिटीज डाइट के लिठपरफेकà¥à¤Ÿ है। मधà¥à¤¯à¤® आकार के आधे गà¥à¤°à¥‡à¤ªà¤«à¥à¤°à¥‚ट में लगà¤à¤— 11 गà¥à¤°à¤¾à¤® शà¥à¤—र होती है।
5. आड़ू
à¤à¤• मीडियम साइज के आड़ू में लगà¤à¤— 13 गà¥à¤°à¤¾à¤® शà¥à¤—र होती है और इसका जीआई सà¥à¤•ोर 42 होता है। आड़ू फाइबर और विटामिन ठऔर सी के साथ 10 विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ विटामिनों से à¤à¥€ à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है।
6. कीवी
1 मीडियम आकार की कीवी में 6 गà¥à¤°à¤¾à¤® शà¥à¤—र और 50 से 55 के बीच गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ होता है। कीवी à¤à¥€ डायबिटीज रोगियों के लिठà¤à¤• बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ फल है। कीवी में फाइबर, पोटेशियम और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट होते हैं। इसके सेवन से इमà¥à¤¯à¥‚न पावर à¤à¥€ बेहतर हो सकता है।
7. अमरूद
à¤à¤• अमरूद में लगà¤à¤— 5 गà¥à¤°à¤¾à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ में शà¥à¤—र होती है। अमरूद का जीआई सà¥à¤•ोर 12 से 24 के बीच होता है। यह डायटरी फाइबर, विटामिन à¤, विटामिन सी, आयरन, पोटेशियम और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होने के कारण, यह डायबिटीज रोगियों के लिठà¤à¤• बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ फल है।
8. बेरीज़
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€, रसà¥à¤ªà¤¬à¥‡à¤°à¥€à¥› और बà¥à¤²à¥ˆà¤•बेरी जैसे जामà¥à¤¨ अपने कई पोषण लाà¤à¥‹à¤‚ और कम शà¥à¤—र कंटेंट के कारण डायबिटीज रोगियों के लिठपरफेकà¥à¤Ÿ हो सकते हैं।
à¤à¤• कप कचà¥à¤šà¥€ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ में लगà¤à¤— 7 गà¥à¤°à¤¾à¤® शà¥à¤—र होती है और यह विटामिन सी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती है। à¤à¤• कप रसà¥à¤ªà¤¬à¥‡à¤°à¥€à¥› में लगà¤à¤— 5 गà¥à¤°à¤¾à¤® शà¥à¤—र और ढेर सारा फाइबर होता है। अंत में, à¤à¤• कप बà¥à¤²à¥ˆà¤•बेरी में लगà¤à¤— 7 गà¥à¤°à¤¾à¤® शà¥à¤—र होती है और यह à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट और फाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती है। इन सà¤à¥€ बेरीज़ का जीआई सà¥à¤•ोर 40 से कम होता है।
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